अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर गुजरात की अनोखी पहल

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अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर गुजरात की अनोखी पहल

international forest day

फॉरेस्ट एंड सस्टेइनेबल सिटीज विषय पर सेटकॉम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने 18 लाख नागरिकों के साथ किया वार्तालाप

मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने आज गुजरात को वृक्षाच्छादित क्षेत्र- ग्रीन कवर में बढ़ोतरी कर जनसहयोग से देश में अग्रणी पर्यावरण रक्षित हरियाला राज्य बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि वृक्ष सामाजिक जीवन के फेफड़े हैं और कुदरती एरीफिल्टर की भूमिका निभाते हैं। हमारी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा मिले, इसके लिए राज्य में नगरों और महानगरों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का जनआन्दोलन शुरु किया गया है।

श्री रूपाणी ने आज अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राज्य के नागरिकों के साथ बायसेग सेटकॉम के माध्यम से संवाद- वार्तालाप किया। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों सहित 18 लाख जितने नागरिकों, शाला- कॉलेज के विद्यार्थियों और स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के इस प्रेरक सन्देश की सराहना की।

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रति वर्ष 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के रूप में दुनियाभर में मनाया जाता है। इस वर्ष इस दिवस की थीम फॉरेस्ट एंड सस्टेइनेबल सिटीज रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग में नगरों- महानगरों के विकास के साथ ईको फ्रेंडली- सस्टेइनेबल सिटी के निर्माण के लिए जनभागीदारी प्रेरित करने के गुजरात सरकार के आयामों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के सरल और स्वस्थ जीवन के लिए वृक्ष और वन समृद्ध हों, यह समय की मांग है। गुजरात में नगर नन्दनवन योजना के अंतर्गत ‘डवलपमेंट विथ ग्रीन कवर’ का अभिगम अपनाया गया है। श्री रूपाणी ने गुजरात की नगरपालिका और महानगरपालिकाओं की अनुपयोगी जमीन में ऐसे नगर नन्दनवन निर्माण करने की आव्श्यकता समझायी।

शहरी विकास के लिए टीपी स्कीम में भी पांच फीसदी तक ग्रीन कवर अर्थात वृक्षारोपण और बगीचे बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने राज्य की नदियों के शुद्धिकरण का अभियान आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व प्रारम्भ करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षों की बुवाई कर नदियों में कचरा जाने से रोका जा सकेगा। वर्षा ऋतु में वृक्ष उग आते हैं, इससे भी शहरों का पर्यावरण ग्रीन कवर व्यापक बनेगा।

श्री रूपाणी ने बालकों में बचपन से ही वृक्षारोपण के संस्कार सिंचित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शाला के बालक शालाओं में जो वाटर बोतल ले जाते हैं, उसमें से बचने वाला पानी किसी ना किसी पेड़ में डालने से बालक भी वृक्षारोपण के हरित अभियान के संवाहक बन सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुजरात में जनभागीदारी से वन आवरण क्षेत्र बढ़ोतरी, वृक्षाछादित क्षेत्रों में हुई वृद्धि और वन क्षेत्र में गुजरात की उलब्धियों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वन क्षेत्र के बाहर वृक्षों की गिनती की चौथी रिपोर्ट और गीर फाउंडेशन के प्रकाशन कॉस्टल फ्लोरा ऑफ ग्लफ ऑफ कच्छ गाइड का विमोचन भी किया।

वन राज्य मंत्री श्री रमणभाई पाटकर, वन- पर्यावरण के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविन्द अग्रवाल, अग्र मुख्य वन संरक्षक कुलदीप गोयल, वन्य प्राणी अग्र मुख्य वन संरक्षक श्री सिन्हा, विकास व्यवस्था के अग्र मुख्य वन संरक्षक अक्षय सक्सेना और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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