मांगरोल में राष्ट्रपति ने फिशरीज हार्बर का लोकार्पण किया

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मांगरोल में राष्ट्रपति ने फिशरीज हार्बर का लोकार्पण किया

mangrol fisheries

गुजरात के समुद्र तट के मत्स्य बन्दरगाहों का विकास करेंगे: मुख्यमंत्री

 

  • मछुआरों के विकास के लिए 294 करोड़ के खर्च से नवाबन्दर फिशिंग हार्बर और 880 करोड़ के खर्च से माढवाड, पोरबन्दर फेज़-2, वेरावल फेज़-2 और सूत्रपाडा में बनवाएंगे फिशिंग हार्बर
  • पाकिस्तान की जेलों में मृत्यु को प्राप्त मछुआरों के परिजनों को देंगे 4 लाख की मदद
  • गुजरात का समुद्री किनारा भारत की समृद्धि का द्वारा बनेगा
  • जेटीओ के विकासार्थ ड्रेजिंग के लिए खुली नीति की घोषणा

 

…………….

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज जूनागढ़ जिले के मांगरोल में फिशरीज़ हार्बर क भूमिपूजन करते हुए कहा कि गुजरात का समुद्री तट वर्षों से इस क्षेत्र के लोगों की आर्थिक समृद्धि का केन्द्र बना हुआ है। प्राचीनकाल से ही गुजरात के विकास में यह समुद्र तट बड़ा योगदान प्रदान कर रहा है। समुद्री तट के विकास के साथ इस क्षेत्र के नागरिकों की आर्थिक समृद्धि के लिए गुजरात में बहुत सराहनीय कार्य हुआ है।

यह फिशरीज़ हार्बर आनेवाले समय में इस क्षेत्र के लोगों का समृद्धि द्वारा खोलेगा। इसका उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने उम्मीद जतायी कि फिशरीज़ हार्बर से युरोपियन मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं यहां के मछुआरों और मत्स्य उत्पादन के साथ जुड़े निर्यातकों को मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि आज का दिन मछुआरों के लिए ऐतिहासिक है। इस फिशरीज़ हार्बर का कार्य पूर्ण होने से यहां की बर्थिंग और लैंडिंग की क्षमता में तीन गुनी वृद्धि होगी और इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि में भी बढ़ोतरी होगी।

महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि गुजरात के समुद्री तट के लोग अपने पुरुषार्थ से मत्स्य व्यवसाय द्वारा गुजरात के विकास के साथ ही राष्ट्र के विकास में भी अपना बड़ा योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने कहा कि वर्षों से गुजरात के समुद्री तट को नजर अन्दाज किया गया था जिसके कारण इस क्षेत्र का बरसों तक विकास नहीं हुआ लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सागरखेड़ु योजना द्वारा सागर तटीय क्षेत्र के लोगों के लिए समृधि के द्वारा खोले। गुजरात सरकार इस क्षेत्र के लोगों की समृद्धि के लिए कृतसंकल्प है।

मुख्यमंत्री ने मांगरोल की धरती से मछुआरों के विकास के लिए 294 करोड़ के खर्च से नया बन्दरगाह फिशिंग हार्बर बनवाने, 880 करोड़ के खर्च से माढवाड, पोरबन्दर फेज़-2, वेरावल फेज़-2 और सूत्रपाडा में फिशिंग हार्बर बनवाए जाने की घोषणा भी की।

मछुआरे परिवारों के लिए संवेदनशील अभिगम दर्शाते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में बंधक मछुआरों की मृत्यु के मामलों में राज्य सरकार उनके परिजनों को 4-4 लाख रुपए सहायता प्रदान करेगी। एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्र में किसी मछुआरे के मछली पकड़ने के दौरान गुम हो जाने पर उसके परिजनों को मृत्यु सहायता अब 1 वर्ष में ही प्रदान कर दी जाएगी। पूर्व में यह समयकाल 7 वर्ष का था।

गुजरात के बंदरगाहों की शानोशौकत फिर से खड़ी करने के लिए जेटियों के विकास का निर्णय भी राज्य सरकार ने लिया है। इन स्थलों पर ड्रेजिंग की खुली नीति घोषित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र मे ड्रेजिंग का कार्य तेजी से हो, इसके लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है। इस क्षेत्र में शुरु किए जाने वाले विकास कार्यों के चलते आगामी समय में समुद्री पट्टी के समग्र क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के द्वारा खुल जाएंगे।

मही- नर्मदा का जल उपलब्ध करवाने वाली लोकार्पित योजना का जिक्र करते हुए श्री रूपाणी ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की पेयजल समस्या का निराकरण करने के लिए 103 करोड़ के खर्च से तैयार जलापूर्ति की समूह योजना से मांगरोल तहसील के 45 गांवों की सवा लाख जितनी आबादी को लाभ होगा। पानी की कमी का निराकरण हो जाएगा और शुद्ध पेयजल गांव- गांव में उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए जलापूर्ति मंत्री श्री जशाभाई बारड ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों तक समुद्री तट क्षेत्र को विकास के मामलों में दरकिनार किया गया परंतु इस सरकार ने यहां करोड़ों के विकास कार्य कर समृद्धि के द्वार खोले हैं।

राष्ट्रपति ने रिमोट द्वारा 143.07 करोड़ के खर्च से विकसित किए जाने वाले फिशरीज़ हार्बर का भूमिपूजन किया और 103 करोड़ के खर्च से तैयार जलापूर्ति योजना का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर विभिन्न समाज के अग्रणियों द्वारा राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद का मालाएं पहनाकर, स्मृतिचिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। खारवा समाज द्वारा मुख्यमंत्री स्वच्छता कोष में 1.51 लाख का चेक अर्पित किया गया।

संसदीय सचिव हीराभाई सोलंकी, सांसद राजेशभाई चूडास्मा, गुजरात मेरीटाइम बोर्ड के वीसी. अजय भादु, ओएसडी श्री प्रजापति, अरविन्दभाई लाडाणी, वेलजीभाई मसाणी, वन्दनाबेन मकवाणा, तुलसीभाई गोहेल, जगदीशभाई फोंफडी, लखनभाई भेसला, कलक्टर डॉ. राहुल गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक अधीक्षक नीलेश जाजडिया, अजय प्रकाश, फिशरीज़ विभाग और जलापूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक भारी संख्या में उपस्थित थे।

1 Comment

  1. author says:

    fabulous

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